⚠️ एग्जाम पेपर में विवाद: सवाल बना बवाल, यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर को किया सस्पेंड

 

एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में परीक्षा के दौरान पूछे गए एक सवाल ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सवाल में छात्रों से भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों पर चर्चा करने को कहा गया था। इस सवाल के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।

यह प्रश्न प्रोफेसर वीरेंद्र बालाजी शाहरे द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्र में शामिल था। जैसे ही छात्रों और अन्य लोगों की ओर से शिकायतें आईं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मामला लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से जुड़ा हुआ माना गया है। इसी वजह से एक जांच समिति (Inquiry Committee) बनाई गई है।

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जांच पूरी होने तक संबंधित प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान प्रोफेसर का मुख्यालय नई दिल्ली रहेगा और बिना अनुमति वह वहां से बाहर नहीं जा सकेंगे।

हालांकि आदेश में पुलिस एफआईआर का जिक्र किया गया था, लेकिन बाद में विश्वविद्यालय ने साफ किया कि फिलहाल किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई की कोई योजना नहीं है। पूरा मामला केवल आंतरिक जांच के तहत देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर जब प्रश्नपत्र की तस्वीरें वायरल हुईं, तो कई लोगों ने सवाल की भाषा और मंशा पर सवाल उठाए। कुछ यूजर्स ने इसे राजनीतिक और सांप्रदायिक नजरिए से जोड़कर देखा।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि ऐसे सवाल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करते हैं।

विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक, जांच समिति यह देखेगी कि यह सवाल कैसे तैयार हुआ, किस स्तर पर मंजूरी मिली और क्या यह परीक्षा नियमों का उल्लंघन करता है या नहीं।

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